बीकानेर अपडेट, बीकानेर। पांडुलिपियों के संरक्षण और डिजिटलीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य हो रहा है। इसी क्रम में डॉ. रजनीश हर्ष ने बीकानेर के अभय जैन ग्रन्थालय, अगरचंद भैरोंदान सेठिया जैन पारमार्थिक सेवा संस्थान का निरीक्षण किया। उन्होंने यहां चल रहे पांडुलिपि संरक्षण, सूचीकरण और डिजिटलीकरण कार्यों का जायजा लिया।
संस्थान अध्यक्ष सुरेन्द्र सेठिया ने बताया कि यह कार्य भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ के तहत किया जा रहा है, जिसका क्लस्टर सेंटर जयपुर स्थित शोध संस्थान है। परियोजना के माध्यम से प्राचीन पांडुलिपियों को आधुनिक तकनीक से सुरक्षित किया जा रहा है।
अब तक करीब 15 हजार पृष्ठों की स्कैनिंग पूरी हो चुकी है। डॉ. हर्ष ने इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि यह प्रयास सांस्कृतिक धरोहर को भविष्य के लिए संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
बता दे कि कुछ पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘मन की बात’ कार्यक्रम की इस केंद्र का जिक्र किया गया था और इसके अवलोक की बात कही गई थी। जिसके बाद से यह ग्रन्थालय चर्चा में है।





