बीकानेर अपसेट, बीकानेर। आगामी खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग ने उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया। कृषि आयुक्तालय जयपुर के निर्देश पर अतिरिक्त निदेशक त्रिलोक कुमार जोशी और संयुक्त निदेशक मदनलाल के मार्गदर्शन में आदान निरीक्षकों ने उर्वरक विक्रेता फर्मों का निरीक्षण किया। अभियान का उद्देश्य अनुदानित यूरिया के गैर-कृषि उपयोग और डायवर्जन पर रोक लगाना है।
निरीक्षण के दौरान सहायक निदेशक मुकेश गहलोत ने विक्रय केंद्रों और गोदामों में उर्वरक स्टॉक का जायजा लिया। विक्रेताओं को पीओएस मशीन और स्टॉक रिकॉर्ड सही रखने के निर्देश दिए गए, ताकि मांग के अनुसार किसानों को समय पर यूरिया, डीएपी सहित अन्य उर्वरक उपलब्ध हो सकें।
विभाग ने चेतावनी दी कि पीओएस मशीन और गोदाम स्टॉक में अंतर पाए जाने पर उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ग्राम सेवा सहकारी समितियों और क्रय-विक्रय समितियों को अधिक सक्रिय कर उर्वरक वितरण व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया गया।
निरीक्षण के दौरान कृषि अधिकारी रमेश भाम्भू और सहायक कृषि अधिकारी राजेंद्र पहाड़िया भी टीम के साथ मौजूद रहे।





