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मन की बात में पीएम ने किया युद्ध का जिक्र, कहा-दुनिया संकट में और भारत चुनौती से निपट रहा, पढ़ें खबर

On: March 29, 2026 8:17 AM
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बीकानेर अपडेट। आज मार्च महीने के अंतिम रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात का 132वां एपिसोड किया। जिसमें मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध को लेकर बात कहीं गयी। प्रधानमंत्री ने विभिन्न मुददों को लेकर इस दौरान बात कही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात के 132वां एपिसोड में अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का जिक्र किया।

पीएम ने कहा कि दुनिया में जंग चल रही है। पेट्रोल-डीजल का संकट पैदा हुआ है, लेकिन भारत इस चुनौती से निपट रहा है। सरकार लोगों से अपील करती है कि किसी तरह की अफवाहों में न आएं। सरकार की तरफ से जानकारी पर भरोसा करें। कुछ लोग माहौल बिगाडऩे की कोशिश में लगे हैं। इससे वे देश का नुकसान कर रहे हैं।

 

प्रधानमंत्री ने कहा कि साथियो, जिस क्षेत्र में अभी युद्ध चल रहा है, वह क्षेत्र हमारी ऊर्जा आवश्यकताओं का बड़ा केंद्र है। इसकी वजह से दुनिया भर में पेट्रोल और डीजल को लेकर संकट की स्थिति बनती जा रही है। हमारे वैश्विक संबंध, अलग-अलग देशों से मिल रहा सहयोग और पिछले एक दशक में देश का जो सामर्थ्य बना है, इनकी वजह से भारत इन परिस्थितियों का डटकर मुकाबला कर रहा है।

 

प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं सभी देशवासियों से अपील भी करूंगा कि वो जागरुक रहें, अफवाहों के बहकावे में ना आएं। सरकार की तरफ से जो आपको निरंतर जानकारी दी जा रही है, उस पर भरोसा करें और उसी पर विश्वास करके कोई कदम उठाएं। मुझे हर बार की तरह इस बार भी विश्वास है कि जैसे हमने देश के 140 करोड़ देशवासियों के सामर्थ्य से पुराने संकटों को हराया था, इस बार भी हम सब मिलकर के इस कठिन हालत से बहुत ही अच्छी तरह बाहर निकल जाएंगे।

 

मार्च का ये महीना, वैश्विक स्तर पर बहुत ही हलचल भरा रहा है। हम सबको याद है कि पूरी दुनिया इससे पहले कोविड के कारण एक लंबे समय तक अनेक समस्याओं से गुजर चुकी है। हम सभी की अपेक्षा थी कि कोरोना के संकट से निकलने के बाद दुनिया नए सिरे से प्रगति की राह पर आगे बढ़ेगी। लेकिन, दुनिया के अलग-अलग क्षेत्रों में लगातार युद्ध और संघर्ष की परिस्थितियां बनती चली गईं।

 

वर्तमान में हमारे पड़ोस में एक माह से भीषण युद्ध चल रहा है। हमारे लाखों परिवारों के सगे-संबंधी इन देशों में रहते हैं, खासतौर पर खाड़ी देशों में काम करते हैं। मैं खाड़ी देशों का बहुत आभारी हूं, वे ऐसे एक करोड़ से ज्यादा भारतीयों को वहां पर हर प्रकार की मदद दे रहे हैं।

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