बीकानेर अपडेट, बीकानेर। पुष्करणा समाज द्वारा आगामी 12 अप्रैल को आयोजित होने वाले रुद्राभिषेक एवं विश्वरक्षक भैरव पूजन कार्यक्रम को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। यह आयोजन स्थानीय ओझा सत्संग भवन में होगा। कार्यक्रम में अधिक से अधिक समाजबंधुओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है।
डॉ. सत्यप्रकाश आचार्य के नेतृत्व में समाज के प्रतिनिधि लगातार विभिन्न पुष्करणा मोहल्लों और ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को आमंत्रित कर रहे हैं। इसी क्रम में नाल, शोभासर, सांवरा, गडियाला, हदां, गिरजासर, झझू, मनचितिया और नोखा सहित कई गांवों में संपर्क किया गया और समाज के लोगों से कार्यक्रम में अधिकाधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया गया।
आयोजक देवीलाल उपाध्याय जब इन गांवों में पहुंचे तो समाजजनों ने उनका माल्यार्पण कर साफा व शॉल पहनाकर स्वागत किया। ग्रामीणों ने आश्वासन दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों से बड़ी संख्या में समाज के लोगों को इस धार्मिक आयोजन से जोड़ेंगे।
इस जनसंपर्क अभियान में उपाध्याय के साथ श्याम देराश्री, रमेश पुरोहित, पूर्व पार्षद लक्ष्मण व्यास और मनमोहन व्यास भी सक्रिय रूप से शामिल रहे। झझू गांव में शिवरतन उपाध्याय, भंवरलाल उपाध्याय, रामेश्वर पुरोहित, रूपजी पुरोहित, धनराज उपाध्याय, नेक बिस्सा, महावीर बिस्सा, प्रेमराज उपाध्याय और भीम उपाध्याय ने स्वागत किया।
वहीं हदां गांव में श्याम सुंदर पुरोहित, भगवान पुरोहित और सुरेश व्यास मौजूद रहे। सांवरा गांव में सरपंच प्यारेलाल, अजय सरपंच नोखा, महेश, बाबूलाल, कन्हैया लाल छंगाणी, महेश, नंद किशोर और पप्पू छंगाणी ने भागीदारी निभाई। गडियाला गांव में लालचंद पुरोहित और नरेश कुमार पुरोहित ने स्वागत किया।
बीकानेर शहर में भी अलग अलग टीमें बनाई गई है जो सोशल मीडिया और घर – घर जाकर समाज के लोगों से कार्यक्रम में सम्मिलित होने का आग्रह कर रही है, वही गोपेश्वर बस्ती में भादाणी समाज के पूर्व पूर्व अध्यक्ष भी अपनी टीम के साथ घर – घर संपर्क कर रहे है। ताकि समाज के पुनीत कार्य को और भव्य बनाया जा सके।
मनचितिया में कन्हैयालाल पुरोहित सेवड़ा, बाबूलाल, कन्हैयालाल लक्ष्मण और स्वरूप पुरोहित सहित अनेक समाजजन उपस्थित रहे। सभी स्थानों पर समाज के लोगों ने एकजुट होकर आयोजन को सफल बनाने का संकल्प लिया और अधिकाधिक भागीदारी का भरोसा दिलाया।





