बीकानेर अपडेट, बीकानेर। जिले में बढ़ते नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने व्यापक और सख्त रणनीति तैयार की है। पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा के निर्देशन में ‘ऑपरेशन नीलकण्ठ’ की शुरुआत 8 अप्रैल से पूरे जिले में कर दी गई है। इस अभियान का उद्देश्य केवल तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित न रहकर नशे के पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करना है।
इस विशेष अभियान के तहत पुलिस अब नशे के अवैध कारोबार के हर पहलू पर नजर रखेगी। इसमें मादक पदार्थों के उत्पादन, सप्लाई चेन, वितरण तंत्र और उससे जुड़े फाइनेंशियल नेटवर्क पर सीधे प्रहार की रणनीति बनाई गई है। पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि केवल छोटे तस्करों पर कार्रवाई करने के बजाय पूरे गिरोह और उनके आर्थिक स्रोतों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाए।
अभियान के तहत जिले के पुराने और सक्रिय नशा अपराधियों की सूची तैयार कर उनकी लगातार निगरानी की जाएगी। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए जरूरत पड़ने पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, नशे के कारोबार से अर्जित अवैध संपत्तियों को जब्त करने और बैंक खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी, जिससे इस अवैध धंधे की आर्थिक कमर तोड़ी जा सके।
पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार जिले के प्रत्येक थाने में ‘ऑपरेशन नीलकण्ठ रजिस्टर’ बनाया जाएगा। इस रजिस्टर में नशे से जुड़े अपराधियों, संदिग्धों और चल रही कार्रवाई का पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा, जिससे अभियान की मॉनिटरिंग और समीक्षा आसान हो सके।
सिर्फ कार्रवाई ही नहीं, बल्कि जागरूकता पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। पुलिस द्वारा स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संगठनों के माध्यम से अभियान चलाकर युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि नशे के खिलाफ लड़ाई में समाज की भागीदारी बेहद जरूरी है।
एसपी मृदुल कच्छावा ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जिले में नशे के कारोबार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ‘ऑपरेशन नीलकण्ठ’ के जरिए पुलिस न सिर्फ अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाएगी, बल्कि इस अवैध नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए हर स्तर पर सख्त कार्रवाई करेगी।





